मस्त विचार 4896

अपने-अपने स्थान पर हर किसी की जीवन की लड़ाई अलग अलग होती है, अलग मानदंड होते हैं अलग चुनौतियां होती हैं.!!

सुविचार 5022

कभी-कभी यूँ ही चलते चलते मैं अचानक ठहर जाता हूँ.

_ न जाने क्यों कदम अपने आप रुक जाते हैं, और भीतर कहीं से एक सवाल उभर आता है.. आख़िर जाना कहाँ है ?

_ क्या कोई निश्चित मंज़िल है, या ये रास्ते ही मंज़िल बन जाते हैं ?

_ ज़िंदगी भी तो एक अनवरत यात्रा है, जहाँ हर ठहराव हमें सोचने पर मजबूर करता है .. कि हम जिस ओर बढ़ रहे हैं, वह सच में हमारा होना चाहिए या नहीं..

_ शायद पहुँच जाना कहीं दूर नहीं, बल्कि सही दिशा में बढ़ते रहना ही असली पहुँच है.!!

सुविचार 5021

ज़िन्दगी वही है.. जो जी रहे हैं..

_ ये करेंगे वो करेंगे.. वो तो बस ख़्वाब हैं.!!

सुविचार 5020

हर कोई अपने आप में व्यस्त है और पहले अपने काम निपटाने में लगा है.

_ कोई भी आपके लिए ज़्यादा देर तक कुछ नहीं करना चाहता,

_ वो आपको कुछ करने का सुझाव दे सकता है, लेकिन आपको सब अकेले ही करना होगा.

_ यही इस दुनिया की त्रासदी है.. कोई भी आपको बचाने नहीं आ रहा है.!!

सुविचार 5019

हम ज़िंदगी भर गलत लोगों के पीछे भागते रहते हैं, और आखिर में ऐसा व्यवहार करते हैं.. जैसे हमें सही लोग मिले ही नहीं..

_ लेकिन सच तो यह है कि.. हमने सही लोगों के लिए कोशिश ही नहीं की.

_ वे हमारे सामने थे और हमने कुछ नहीं किया, क्योंकि वे उबाऊ लगते हैं..

_ सही लोग हमेशा अच्छे और उबाऊ होते हैं और उन्हें कौन चाहेगा ? कोई नहीं..

_ क्योंकि वे उबाऊ लगते हैं.!!

सुविचार 5018

मन का एक कोना भरता है तो दूसरा कोना खाली हो जाता है.

_ दूसरा कोना भरता है तो तीसरा कोना खाली हो जाता है.

_ तीसरा भरता है तो चौथा… मन में अनेक कोने होते हैं जो सारे कभी नहीं भरते.

_ एक न एक कोना हमेशा खाली रहता है.!!

आसपास कुछ भी हो जाए, खुद को स्थिर रखने की प्रेक्टिस करें. !!

मस्त विचार 4892

यह संगदिलों की दुनिया है ज़रा बच के रहना,

_ यहाँ लोग पलकों पे बिठाते हैं नजरों से गिराने के लिए.!!

संसार तो ईधर कुआँ उधर खाई है.

_ एक तरफ बचेंगे तो दूसरी तरफ गिर जाएंगे.!!

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