सुविचार 4961
जरूरत से ज्यादा सोचना बेहद घातक है.. _
_ यह सिवाए निराशा के आपको कुछ नहीं दे सकता..!!!
_ यह सिवाए निराशा के आपको कुछ नहीं दे सकता..!!!
_____मगर मैने तेरी जीत में अपनी खुशी ढूंढी !!
” आनंद के साथ सहज कर्म करते रहें ”
इतना संभल कर मुस्कुराते हैं हम !!
खुद की चाल को भी थोड़ा सा बदलना पड़ता है.
आप स्वयं में जैसे हैं, एकदम सही हैं, स्वयं को स्वीकारिये.
सामान्य ज्ञान एक ऐसा फूल है जो हर किसी के बगीचे में नहीं उगता.
हौसला है जिंदगी में कुछ कर दिखाने का, इसलिए अभी भी सफ़र जारी है.